जिंदगी एक जादू है
The way we transform ourselves in our life ये जादू नहीं तो और क्या है हम उन चीज़ों पे हसते है जिन पर किसी समय हम बोहोत रोए थे, हमे उन चीज़ों पे खेद होता है जिन्हे हम किसी समय बड़ी बेसब्री से करना चाहते थे, हमे उसका बुरा लगता है जिसे करने में हमे कभी बोहोत मजा आया था, और अगर गौर से देखा जाए तो हमे वो सब करना भी पसंद होता है जो हमें लगता है के हमे पसंद नहीं है! अब देखो ना जब भी हम रोते हैं तो past में जितनी भी ऐसी चीजे हुई हो जिससे हमे दुख हुआ है उन सबको जबरदस्ती याद कर कर के और ज्यादा रोने लग जाते है हम ये नहीं करते के हम इसे भूल के शांत हो जाए, बल्कि हम और रोते है तब तक रोते है जब तक आखों में आंसू खत्म ना हो जाए। या जब भी हम खुश होते हैं तो हम गुनगुनाते है, नाचते है, झूमते है और वो सारी चीजे करते हैं जिनसे हमे और खुशी मिले। या फिर किसीसे बेहेस करते हैं, झगड़ा करते हैं तो वो सारी चीजे बाहर निकलती है जो कभी हमने अनदेखी की थी। ये सारी contradictory चीज़ों हा होना जादू ही तो है! एक पल में हमे कुछ लगता है और दूसरे पल कुछ और, एक ही चीज या व्यक्ति के बारे में अलग अलग समय ...